Dehradun: रंगों का त्योहार होली खुशियां, मेल-जोल और उत्साह लेकर आता है, लेकिन ज़्यादा रंग-गुलाल, तली-मीठी चीज़ें और भांग का सेवन कई बार सेहत पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर त्योहार का आनंद सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है।
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ज्यादा रंग-गुलाल से होने वाली समस्याएं
साइनस, अस्थमा और निमोनिया का खतरा
केमिकल वाले रंग और बारीक गुलाल सांस के जरिए शरीर में चले जाते हैं, जिससे
• साइनस ब्लॉकेज
• अस्थमा अटैक
• एलर्जी
• गंभीर मामलों में निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है
✔️ बचाव के उपाय
• ऑर्गेनिक और हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें
• मास्क या कपड़ा नाक पर रखें
• आंखों पर चश्मा लगाएं
• खेलने के बाद तुरंत स्नान करें
• भाप (स्टीम) लें – दिन में 1–2 बार
घरेलू एक्सरसाइज
• Breathe Inhale Exhale – फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है
• हल्की जॉगिंग या 20 मिनट तेज़ वॉक
• छाती खोलने वाले स्ट्रेच (Chest expansion exercises)
______________ होली के बाद शरीर को डिटॉक्स कैसे करें?
• नारियल पानी और छाछ का सेवन
• हल्दी वाला दूध
• ताजा फल और हरी सब्जियां
• 30 मिनट हल्का स्ट्रेचिंग
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विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि त्योहार का आनंद लें, लेकिन संयम और सावधानी के साथ। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज अतिरिक्त सतर्क रहें।
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(रिपोर्ट: अभिजीत शर्मा, ZEE Media देहरादून)
स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और खुशियों के रंगों में सेहत का रंग भी मिलाएं।

